ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपने कंजर्वेटिव पार्टी की चुनावी जीत की स्थिति में क्रिसमस से पहले ही ब्रेक्जिट समझौते को यूरोपीय संघ के साथ पार्लियामेंट में पक्का कराना चाहते हैं। यह कंजर्वेटिव पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में स्पष्ट है। जॉनसन इसे एक जल्दी क्रिसमस का तोहफा कहते हैं…
ग्रेट ब्रिटेन 12 दिसंबर को नए लोकसभा के चुनावों के लिए मतदान करेगा। यदि कंजर्वेटिव पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलता है, तो जॉनसन चाहते हैं कि यूनाइटेड किंगडम जनवरी के अंत तक यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाए। वर्तमान प्रधानमंत्री के अनुसार उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार ब्रसेल्स में उनके द्वारा किए गए यूरोपीय संघ समझौते का समर्थन करते हैं।
दस्तावेज़ में आगे यह भी कहा गया है कि नई कंजर्वेटिव सरकार आयकर नहीं बढ़ाना चाहती और ब्रिटिश बुनियादी ढांचे एवं स्वास्थ्य सेवा में अतिरिक्त निवेश करना चाहती है। इन योजनाओं का राजकोष पर क्या प्रभाव होगा, इस पर चर्चा नहीं की गई है।
इसमें यह भी ज़ाहिर किया गया है कि जॉनसन आयकर नहीं बढ़ाना चाहते। इसके अलावा वे बच्चों की देखभाल, घरों को ऊर्जा कुशल बनाने और आने वाले चार वर्षों में सड़क मरम्मत के लिए 2 अरब पाउंड (लगभग 2.3 अरब यूरो) आरक्षित करना चाहते हैं।
2017 के पिछले चुनावों में उस दौरान थैरेसा मे के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी के लिए चुनावी कार्यक्रम विनाशकारी साबित हुआ था। तब बुजुर्गों पर अतिरिक्त कर लगाए जाने का प्रस्ताव उन्हें बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा और उनका समर्थन कम हो गया था।
कंजर्वेटिव पार्टी एक सर्वेक्षण में लेबर पार्टी पर भारी बढ़त बनाए हुए है। सबसे बड़ी पार्टी के रूप में कंजर्वेटिव पार्टी के 42 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन है। लेबर पार्टी 30 प्रतिशत पर बनी हुई है।
इस सर्वेक्षण के नतीजे लगभग पिछले सर्वेक्षण के समान हैं। केवल ब्रेक्जिट पार्टी एक प्रतिशत अंक खोकर अब केवल 3 प्रतिशत पर है। लिबरल डेमोक्रेट्स एक प्रतिशत अंक ऊपर बढ़कर 16 प्रतिशत समर्थक पा गए हैं। ग्रीन पार्टी और स्कॉटिश राष्ट्रीयतावादी 4 प्रतिशत अंक पर स्थिर हैं।

