फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी के नगरपालिका प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब से स्वागत समारोहों और त्योहारों में मांस उत्पाद परोसने से परहेज करेंगे। नए साल से केवल मौसमी शाकाहारी व्यंजन और टिकाऊ तरीके से पकड़ी गई मछली परोसी जाएगी।
केवल फेयरट्रेड प्रमाणित उत्पादों का स्वागत किया जाएगा। इसके साथ ही हेलसिंकी शहर गाय के दूध की पेशकश भी बंद करना चाहता है। इसके बजाय जई आधारित पेय और अन्य वनस्पति आधारित उत्पाद परोसे जाएंगे।
लेकिन वे पूरी तरह से डेयरी से परहेज नहीं करना चाहते: नए नियम के अनुसार शहर में आयोजनों और सम्मेलनों में पनीर जरूर परोसा जाएगा। इसके अलावा यह नियम स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा, जहां अन्य पोषण संबंधी सलाह को प्राथमिकता दी जाती है।
‘लाल मांस नहीं’ के नियम में उच्च अधिकारीय आगंतुकों के लिए अपवाद बनाए जा सकते हैं। नगरपालिका प्रशासन पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के कारण पूरी तरह शाकाहारी व्यंजनों में बदलाव का औचित्य प्रस्तुत करता है। इस निर्णय से पहले 2019 में दूध और मांस उत्पादों के उपयोग को आधा करने का निर्णय लिया गया था।
नगरपालिका प्रशासन की इस घोषणा को फिनिश किसान संघ (MTK) की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। संघ के अध्यक्ष जुहा मार्टिला ने इस अभियान को "पारदर्शी ग्रीनवॉशिंग" कहा। उनके अनुसार हेलसिंकी शहर अपने ऊर्जा आपूर्ति का अधिकतर हिस्सा अभी भी जीवाश्म स्रोतों से आने वाले 'शर्मनाक' तथ्य से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
मार्टिला ने घोषणा की कि किसान संगठन निश्चित ही हेलसिंकी में सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्थानीय मांस उत्पादों को उपलब्ध कराना जारी रखेगा।

