पिछले दिनों जर्मनी के कई शहरों में किसानों ने अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़कों और चौराहों को कुछ समय के लिए फिर से अवरुद्ध कर दिया है। 7 से 15 जनवरी तक चलने वाला यह विरोध सप्ताह बर्लिन में संसदीय भवनों के बाहर एक बड़े प्रदर्शन में परिणत होगा।
यह विरोध सप्ताह क्रिसमस की छुट्टियों के बाद बर्लिन में पहली बैठकों के साथ मेल खाता है, जहां 'स्टॉपलाइट गठबंधन' की बहुवर्षीय बजट योजना पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे। पिछले सप्ताह न्यायिक निर्णय के कारण SPD, FDP और ग्रीन पार्टी के नेताओं को अपनी ऊर्जा संक्रमण योजना के बहुवर्षीय अनुमान को संशोधित करना पड़ा और 2024 में 17 अरब यूरो अतिरिक्त कटौती करनी पड़ी। प्रस्तावित उपायों में कृषि उपकरणों के लिए डीजल सब्सिडी और सड़क कर को समाप्त करना शामिल है।
यह प्रस्तावित कटौती केवल कृषि क्षेत्र या संघीय CDU/CSU विपक्ष में ही तीव्र प्रतिक्रिया नहीं उत्पन्न कर रही है, बल्कि लगभग सभी जर्मन प्रदेशों की स्टॉपलाइट पार्टियों और सरकारों में भी। मंत्री सेम ओज़डेमिर (ग्रीन्स) ने भी सार्वजनिक रूप से इसका विरोध किया है, हालांकि कई जर्मन किसान उनकी आलोचना करते हैं। जर्मन मीडिया की टिप्पणियों के अनुसार ओज़डेमिर को उनकी ही पार्टी नेता और उप-चांसलर रॉबर्ट हैबेक तथा FDP मंत्रियों द्वारा मना लिया गया है।
ग्रीन्स और FDP इस बात से सहमत हैं कि कई पर्यावरण-अनुकूल न होने वाली 'जीवाश्म सब्सिडियों' का अंत होना चाहिए, लेकिन वे चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र के लिए वह पैसा बने रहे, जैसे जैविक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी।
DBV के अध्यक्ष जोआचिम रुकविएड ने इस कटौती को अस्वीकार्य बताया है। कुछ स्थानीय ट्रैक्टर प्रदर्शनों के कारण स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने शनिवार को जर्मन किसानों से 'बेकार अवरुद्ध करने' से बचकर जनता का समर्थन बनाए रखने की अपील की। साथ ही इस सप्ताह उन्होंने उन किसान समूहों से तुरंत दूरी बनाई, जिन्होंने एक हरित राज्य मंत्री के निवास पर 'एक दौर' किया था।
पहले किए गए आंकड़ों के अनुसार जर्मन किसानों को प्रति वर्ष वर्तमान 'डीजल सब्सिडी' से औसतन कुछ हजार यूरो का लाभ होता है। यह कोई सीधे भुगतान की गई सब्सिडी नहीं है, बल्कि उनके वार्षिक कर दायित्व से कम की जाने वाली राशि है, जो उनके डीजल उपयोग के आधार पर अलग-अलग होती है। इससे बड़े कृषि उद्यम कई बार 25,000 यूरो से अधिक कर बचा लेते हैं। इसे 'जीवाश्म सब्सिडी' की ऐसी एक रूप माना जाता है जो जीवाश्म ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देती है और सतत ऊर्जा स्रोतों की ओर संक्रमण में बाधा डालती है।
जनवरी में हो रहे जर्मन किसान प्रदर्शन के साथ पहले से घोषित वस्तु परिवहन के चालक मजदूरों और जर्मन रेलवे के इंजन चालकों की हड़ताल भी एक साथ हो रही है। परिवहन और ट्रेनों में संभावित हड़ताल के खतरे के साथ SPD, FDP और ग्रीन्स ने पिछले सप्ताह 2024 की बहुवर्षीय योजना पर समय पर समझौता करने के लिए कड़ी मेहनत की। पिछले हफ्तों के कृषि प्रदर्शनों ने लंबी और कठिन गठबंधन वार्ताओं के बाद एक बड़ा झटका दिया।
जर्मन मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि लाल-पीला-हरा गठबंधन को क्रिसमस और नववर्ष अवकाश के दौरान डीजल सब्सिडी पर एक समझौता खोजने की जरूरत है, ताकि उनके गठबंधन के अस्तित्व पर कोई संकट न आए।

