जर्मन गठबंधन कैबिनेट में एक अस्थायी राजनीतिक समझौता हुआ है, जिसमें एक नया कीट संरक्षण कानून और पशु कल्याण कानून को सख्ती से लागू करने पर सहमति बनी है। इससे पहले इस पर कृषि मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के बीच लंबी लड़ाई हुई है।
पर्यावरण मंत्री स्वेनजा शुल्जे (SPD) और कृषि मंत्री जूलिया क्लोक्नर के इन दो विधायी प्रस्तावों के बारे में संघीय चांसलर एंजेला मर्केल आने वाले हफ्तों में प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों और सोलह राज्यों की सरकारों से बात करेंगी।
मर्केल को जर्मन समाज में कई कठोर उपायों के लिए समर्थन जुटाना होगा, जो नई संघीय चुनाव से महज छह महीने पहले हैं।
CDU मंत्री क्लोक्नर ने कैबिनेट में अपने सहयोगी शुल्जे (SPD) के कीट कानून के विवादित भागों पर कई आपत्तियां जताईं हैं। क्लोक्नर की आपत्तियां उन हिस्सों पर केंद्रित हैं जिनके खिलाफ जर्मन किसान और कई राज्य महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजनीति की भाषा में क्लोक्नर अपने ‘आपत्तियों’ के जरिए CDU के राजनेताओं के लिए कृषि में अधिक 'पर्यावरणीय उपायों' के विरोध में रास्ता खोल रही हैं। अभी तय नहीं हुआ है कि क्या राज्य अपनी कृषि नीति पर व्यापक स्वायत्तता बनाए रखेंगे, और क्या कोई अपवाद नियम बनाए जाएंगे। हालांकि यह तय है कि चांसलर मर्केल चाहती हैं कि चुनाव से पहले कृषि संबंधी मसलों का समाधान हो जाए।
पौधों, फूलों और कीटों की सुरक्षा के लिए ग्लाइफोसेट नामक कीटनाशक 2023 से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और इसके उपयोग को पहले से ही कम किया जाएगा। कीटनाशकों का उपयोग अब झीलों, नदियों और अन्य जल निकायों के किनारे लगे खेतों में नहीं किया जाएगा, जैसा कि प्रस्तावित है। अधिक कृषि क्षेत्र संरक्षित प्राकृतिक आवास घोषित किए जाएंगे। शहरों में प्रकाश प्रदूषण को कम किया जाएगा।
पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण संगठन इस निर्णय का समर्थन कर रहे हैं। किसान संगठन कीटनाशकों पर प्रतिबंधों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। बंडेस्टैग और बंडेसरॅट को अभी इन नए नियमों की मंजूरी देनी है। मर्केल अगले सप्ताह किसान संघों और राज्य मंत्रियों से मिलना चाहती हैं।

