पालतू पशुओं की खरीद-फरोख्त और प्रजनन पर भी कड़े नियम लागू किए जाएंगे, और उल्लंघनों पर जुर्माने में वृद्धि होगी। जैसे, बिना "उचित कारण" किसी जानवर को मारने पर दोबारा अपराध करने पर दंड तीन साल की बजाय पांच साल की जेल होगी। जानवरों के प्रति दुरुपयोग या हत्या के प्रयासों के लिए जुर्माना 25,000 यूरो से बढ़ाकर अधिकतम 50,000 यूरो किया जाएगा।
पशु संरक्षण संगठन 'फोर पाज़' ने योजनाओं में 'कई कमियां और रिक्त स्थान' होने की आलोचना की और बांध कर रखने वाले जानवरों पर प्रतिबंध जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में नरमी की आलोचना की। उपभोक्ता संगठन फूडवॉच ने BMEL मंत्री सेम ओज़डेमिर पर किसानों के लॉबी के सामने झुकने का आरोप लगाया।
हालांकि पशुपालन की कई सामान्य प्रथाएं प्रतिबंधित होंगी या नए मानदंडों का पालन करना होगा। किन्तु अधिकांश मामलों में पूर्ण प्रतिबंध नहीं होगा और अपवाद अभी भी मान्य रहेंगे। यह जर्मन पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त नहीं है।
भविष्य में मेमनों की पूंछ काटना प्रतिबंधित होगा, लेकिन सुअरों के लिए कुछ मामलों में दिशानिर्देशों के साथ अनुमति दी जाएगी।
पशुओं को बांध कर रखने के लिए मूल रूप से नियम होगा कि जानवरों को नहीं बांधा जाना चाहिए। दक्षिण जर्मनी में छोटे डेयरी किसानों के लिए "संयुक्त पालन" की सुविधा बनी रहेगी। दूध देने वाली गायों को बार-बार बाँध कर रखने पर प्रतिबंध केवल दस वर्षों बाद लागू होगा।
शुरू में पांच साल की संक्रमण अवधि तय की गई थी। BEL मंत्री सेम ओज़डेमिर (ग्रीन्स) ने कहा कि यह एक समझौता है जिसमें पशु संरक्षण के साथ-साथ पर्वतीय चरागाहों में प्रकृति और प्रजातियों के संरक्षण को भी संतुलित किया गया है।

