यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद अब कनाडा भी खेतों में कार्बन को स्थिर रखने और CO2 वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कृषि को суб्सिडी देगा। कनाडा की कृषि मंत्री मैरी-क्लॉड बिबो ने 2 करोड़ डॉलर के "ऑन-फार्म क्लाइमेट एक्शन फंड" की शुरुआत की।
आगामी दो वर्षों में यह 2 करोड़ डॉलर का फंड 'कार्बन किसानों' को जैव विविधता की सुरक्षा और बेहतर नाइट्रोजन प्रबंधन के लिए सीधा समर्थन देगा। न केवल कृषि और डेयरी सहकारी समितियां, बल्कि उपभोक्ता समूह भी इस नए फंड के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस साल की मौसम की परिस्थितियों ने कनाडाई सरकार के अनुसार दिखाया है कि किन असाधारण परिस्थितियों का सामना कनाडाई कृषि को करना पड़ रहा है। आने वाले दशकों में कृषि क्षेत्र के लिए चरम मौसम की स्थितियां और अधिक गंभीर और महंगी हो जाएंगी।
नए फंड द्वारा समर्थित गतिविधियाँ आगामी समय में CO2 उत्सर्जन को अधिकतम 2 मिलियन टन तक कम करने की संभावना रखती हैं।
कनाडाई किसान अब अपने खेतों को क्लोवर और क्लोवर्स जैसे बिछावन पौधों से ढकने के लिए सब्सिडी ले सकते हैं। साथ ही खेतों में उर्वरक लगाने के उपकरणों में सुधार के लिए भी सब्सिडी, और मृदा नमूना लेने तथा विश्लेषण के लिए भी समर्थन मिलेगा।
इसके अलावा, कनाडाई किसानों को यदि वे घास चराई का चक्रीय उपयोग करते हैं या मिट्टी सुधार के अन्य तरीके अपनाते हैं तो उन्हें आर्थिक मुआवजा भी दिया जाएगा।
कनाडा के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री जोनाथन विल्किंसन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई केवल उत्सर्जन कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवहार में बदलाव की भी बात है। कृषि और कृषि-खाद्य क्षेत्र के महत्व को देखते हुए, कनाडाई सरकार ने कहा कि अधिक महत्वाकांक्षी कदम उठाना आवश्यक है।

