शिपहोल की अदालत में MH17 मामले की सुनवाई के दौरान रूसी आरोपी ओलेग पूलाटोव के नीदरलैंड के वकीलों ने ओपनबैर मिनिस्टीरी के जांच पर सीधे कड़ी आलोचना की। वकीलों का कहना है कि जांच पक्षपाती थी।
ओपनबैर मिनिस्टीरी ने अब तक MH17 विमान दुर्घटना पर छह साल तक जांच की है। ओलेग पूलाटोव के वकील सबीने टेन डोएस्चाटे और बौदेविज़न वैन एज्क ने कहा कि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उस रूसी के वकीलों ने इस माह की शुरुआत में पहले ही बताया था कि कोरोना संकट ने तैयारी में बाधा डाली। वे अपने मुवक्किल से रूस में जाकर मामला चर्चा नहीं कर पाए। वकीलों ने यह भी बताया कि उन्हें मामले की जानकारी में “एक बहुत बड़ा ज्ञान अंतर” है।
सोमवार सुबह उन्होंने जांच की कड़ी आलोचना की: किए गए जांच की मात्रा सफलता की गारंटी नहीं है। उदाहरण के लिए: दुर्घटना स्थल पर कोई जांच नहीं की गई। इसलिए यह संभव है कि सबूत खो गए हों या प्रभावित किए गए हों।
वकील वैन एज्क कहते हैं कि ऐसा लगता है मानो ‘बक-परिदृश्य को कायम रखना पड़ा’। ज्वाइंट इन्क्वेस्टिगेशन टीम (JIT) लगातार एक ही तस्वीर पेश करती है, यह बचाव पक्ष का मत है। वकील का इशारा ओपनबैर मिनिस्टीरी द्वारा खारिज की गई उस संभावना की तरफ है कि MH17 को एक लड़ाकू विमान ने गिराया हो। वैन एज्क ने कई और गवाहों को सुनाना चाहने का एलान किया। बचाव पक्ष ने पहले ही कई सवाल उठाए हैं कि १७ जुलाई २०१४ को यूक्रेनी हवाई क्षेत्र को नागरिक विमानन के लिए बंद क्यों नहीं किया गया था।
अब तक चारों अभियुक्तों में से कोई भी अदालत में पेश नहीं हुआ है। ओलेग पूलाटोव उन चार अभियुक्तों में से अकेले ऐसे हैं, (तीन रूसी और एक यूक्रेनी) जो वकीलों के माध्यम से प्रतिनिधित्व करवा रहे हैं।
एएम्स्टर्डम से कुआलालंपुर, मलेशिया की ओर जा रही MH17 उड़ान हादसे में 298 सभी सवार मारे गए थे। ओपनबैर मिनिस्टीरी के अनुसार विमान को रूस समर्थित यूक्रेनी अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्र से छोड़े गए बुक मिसाइल से गिराया गया था। जांचकर्ता के मुताबिक मिसाइल लॉन्चिंग मशीन 53वीं रूसी मिसाइल डिफेंस ब्रिगेड की थी।
जुलाई की शुरुआत में अदालत दोनों पक्षों के अनुरोधों पर फैसला करेगी। तब यह स्पष्ट होगा कि आने वाले महीनों में मामला किस तरह चलेगा। इस बड़े मामले के लिए मार्च अगले साल तक की सुनवाई की तारीखें आरक्षित हैं। यह मुकदमा संभवत: बहुत लंबा खिंचेगा।

