नидерलैंड की दूध उत्पादक कंपनी फ्रिजलैंडकैम्पिना ने स्कैंडिनेवियाई आर्ला के साथ एक निकट भविष्य में संभावित विलय की खबरों को 'अटकलबाज़ी' करार दिया, जबकि आर्ला ने इसे '100 प्रतिशत असत्य' बताया। पिछले कुछ दिनों में विभिन्न यूरोपीय देशों के व्यावसायिक मीडिया में संभावित विलय की चर्चाएँ सामने आई थीं।
डेनमार्क के Landbrugs Avisen के अनुसार, रॉयल फ्रिजलैंडकैम्पिना पर नीदरलैंड में ज़हरीली नाइट्रोजन उत्सर्जन को कम करने के लिए दुग्ध उद्योग को संयमित करने की योजनाओं के कारण दबाव है। स्कैंडिनेवियाई दुग्ध उद्योग में यह भी एक पहले की राबोबैंक अध्ययन का हवाला दिया जा रहा है, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि फ्रिजलैंडकैम्पिना को अगले वर्ष आर्ला द्वारा अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में बिक्री के मामले में पीछे छोड़ दिया जाएगा।
पिछले वर्ष फ्रिजलैंडकैम्पिना थोड़ी बड़ी थी आर्ला से। परन्तु यह देखा जा रहा है कि आर्ला की बिक्री बढ़ती रहेगी जबकि फ्रिजलैंडकैम्पिना की नहीं। एक विलय से विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक समूह बन जाएगा, जिसकी कुल बिक्री 22 बिलियन यूरो से अधिक होगी। इससे यह फ्रांसीसी लैक्टालिस (जिसकी बिक्री 21.1 बिलियन यूरो है) से बड़ा होगा।
यूरोपीय आयोग संभवत: इस संभावित विलय को केवल कुछ शर्तों के अंतर्गत मंजूरी देगा, जैसे कि पहले फ्रिजलैंड और कैम्पिना के विलय के समय किया गया था। 2003 और 2005 में आर्ला ने पहले पुराने कैम्पिना के साथ विलय करने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों कंपनियों के बोर्ड सहमत नहीं हो सके। इसके बजाय, कैम्पिना ने 2008 में रॉयल फ्रिजलैंड फ़ूड्स के साथ विलय करने का विकल्प चुना।

