यूरोपीय वनों में लकड़ी की मात्रा पिछले तीस वर्षों में दस अरब से अधिक क्यूबिक मीटर बढ़ी है।
जिससे यूरोपीय प्राकृतिक वातावरण में कार्बन भंडारण भी बढ़ा है। यूरोपीय संघ नई ग्रीन डील जलवायु नीति में पेड़ लगाने और नए वन क्षेत्र स्थापित करने को प्रोत्साहित कर रहा है।
स्विट्जरलैंड यूरोपीय महाद्वीप पर सबसे अधिक पेड़ों वाला देश है, जैसा कि “स्टेट ऑफ यूरोप्स फोरेस्ट्स 2020” रिपोर्ट के नए संस्करण से पता चलता है। लेकिन स्विट्जरलैंड में ईंधन जलाने, उद्योग, परिवहन और कृषि की वजह से नाइट्रोजन प्रदूषण भी काफी होता है।
दक्षिण स्विट्जरलैंड में ओजोन स्तर रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जैसा कि फॉरेस्ट्स, स्नो एंड लैंडस्केप रिसर्च इंस्टिट्यूट (WSL) ने हर पांच वर्षों में जारी होने वाली रिपोर्ट में बताया है। इसके अलावा स्विट्जरलैंड के वनों में 24 प्रकार के स्तनधारी और 22 प्रकार के वन पक्षी संकट में हैं।
रिपोर्ट के लेखक यूरोप में बढ़ती लकड़ी की मात्रा को कई कारणों से जोड़ते हैं, जिनमें लकड़ी की बिक्री के कम दाम और वन क्षेत्रों की महत्ता के प्रति बढ़ता हुआ जन जागरूकता शामिल है।
लेखक यह भी बताते हैं कि वनों की गुणवत्ता सामान्यतः खराब हो रही है। इसके मुख्य कारण कीट, रोग, आग और तूफान हैं।

