यूरोपीय संघ ने उस समय रूसी नाकेबंदी के मद्देनजर यूक्रेन को एक प्रतिदान के रूप में आयात शुल्क और व्यापार कोटा की छूट प्रदान की थी। यह उपाय पिछले साल बढ़ाया गया था, और अब पुनः बढ़ाया गया है।
पांच EU पड़ोसी देशों के किसान अपने बाज़ार पर यूक्रेनी कृषि उत्पादों की सस्ती आपूर्ति के कारण अपनी बिक्री प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं, जो बिना आयात शुल्क के उनके बाजारों में आ रहे हैं। विशेष रूप से यूक्रेनी अनाज, सूरजमुखी तेल और चिकन मांस बाजारों में भरमार ने कृषि क्षेत्र में चिंता पैदा कर दी है।
EU कृषि आयुक्त जनुस वोइजिचोव्स्की और विभिन्न EU देशों के कृषि मंत्री बार-बार इस छूट को वापस लेने का आह्वान कर चुके हैं। हालांकि, अधिकांश EU देशों और अधिकतर EU आयुक्तों ने इसे यूक्रेनी जनता के प्रति एकजुटता की कमी माना।
अब हुई इस समझौते के अनुसार, छूट 2022 और 2023 में EU देशों के माध्यम से सालाना निर्यात की गई मात्रा पर लागू रहेगी। इस मात्रा से ऊपर पुराने आयात शुल्क फिर से लागू होंगे। यह प्रतिबंध इसलिए लगाए गए हैं ताकि बड़ी मात्रा में सस्ते यूक्रेनी कृषि उत्पाद EU बाजारों में बहाव न कर सकें।
आगामी महीनों में इन नए नियमों के कार्यान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यूक्रेन और EU सदस्य राज्यों के हितों का सम्मान और संरक्षण हो, ऐसा यूरोपीय आयोग के एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है।

