यूरोपीय आयोग सामान्य कृषि नीति के साथ-साथ ग्रामीण नीति को भी अपडेट करना चाहता है। हाल ही में कृषि सब्सिडी में ऐसा बदलाव करने का फैसला किया गया है जो 2023 से लागू होगा। उससे जुड़ा 'दूसरा स्तंभ' ग्रामीण विकास (ELFPO) नई दीर्घकालिक दृष्टि के लिए वित्त पोषण का मुख्य स्रोत है।
आगामी समय में यूरोपीय यूनियन के देश पहले अपने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए GLB के अंतर्गत रणनीतिक योजनाएँ बनाएंगे। 2023 में अब तक लागू की गई ग्रामीण योजनाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस दिशा में जाना है और किन ग्रामीण इलाकों को ज्यादा वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
इस साल के अंत में यूरोपीय आयोग, क्षेत्रीय समिति, नगरपालिकाओं, प्रांतों और जल विभागों की साझेदारी में यह जांच करेगा कि एक नई ग्रामीण दृष्टि के उद्देश्य कैसे पूरे किए जा सकते हैं। डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए एक राष्ट्रीय पर्यवेक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
EU के ग्रामीण इलाके क्षेत्रफल का 80% से अधिक भाग होते हैं और यहां 30% आबादी, लगभग 137 मिलियन लोग रहते हैं। आने वाले बीस वर्षों में इन इलाकों में अच्छी सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, वे लचीले होंगे, अच्छी डिजिटल और भौतिक अधोसंरचना होगी और सामाजिक समावेशी समाज का निर्माण होगा।
नागरिकों को अच्छी सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच होनी चाहिए और उन्हें स्थानीय निर्णय प्रक्रिया और राजनीति में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए, ऐसा प्रस्तावित है।
डिजिटल और भौतिक अधोसंरचना ऐसी होनी चाहिए कि ग्रामीण और शहरी इलाकों को पर्याप्त सड़कें और रेलमार्ग, भरोसेमंद और नियमित सार्वजनिक परिवहन, एवं 5G नेटवर्क का विस्तार के जरिए अच्छी तरह जोड़ा जाए।
इसके अलावा, EU चाहता है कि ग्रामीण इलाकों को आर्थिक संकटों, प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने में बेहतर बनाया जाए। ब्रुसेल्स के अनुसार ग्रामीण इलाके क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में विविधता लाकर समृद्ध हो सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और कृषि-खाद्य क्षेत्र में नवाचार से भी अधिक समृद्धि हासिल होनी चाहिए।

