यह बैठक बेल्जियम के EU अध्यक्ष काल के तहत अंतिम कृषि मंत्रिमंडल की बैठक भी है; 1 जुलाई से आधा साल के लिए उतना EU-अनुकूल न होने वाला हंगरी EU अध्यक्ष बन जाएगा। इसके अलावा आगामी छह महीने में नई यूरोपीय आयोग की नियुक्ति के इंतजार में कई EU निर्णय प्रक्रियाएं स्थगित रहेंगी। सरकार के शीर्ष नेता पर्दे के पीछे चर्चा कर रहे हैं कि कौन-कौन से आयुक्त पुनर्नियुक्ति के योग्य होंगे और कौन नहीं।
निवृत्त हो रही वर्तमान आयोग ने पिछले हफ्ते (पूरी योजना के अनुसार) वित्तीय वर्ष 2025 का प्रारूप बजट प्रस्तुत किया। इसमें लगभग बजट-निर्णायक बजट दिखाया गया है, जिसमें केवल कुछ-कुछ (पहले ही सहमति वाली) समायोजन हैं।
सामूहिक कृषि नीति के लिए भी कोई वित्तीय वृद्धि नहीं रखी गई है, जबकि आयुक्त वोईचिकोव्स्की ने इससे पहले बढ़ावा दिया था। उनका मानना है कि कम से कम ‘‘आपदा कोष’’ बढ़ाया जाना चाहिए और सभी मदों को मुद्रास्फीति के अनुसार समायोजित किया जाना चाहिए। आयोग अगले वर्ष CAP के लिए 53.8 अरब यूरो आरक्षित करने की कोशिश कर रहा है, जो 2024 के बजट के समान है। वोईचिकोव्स्की, जो पिछले पांच सालों से कृषि कार्य के जिम्मेदार हैं, ने यूरोपीय नेताओं से CAP की महत्ता समझने की अपील की।
बेल्जियम के अध्यक्ष काल के तहत कृषि मंत्रिमंडल लक्जमबर्ग में कृषि के वांछित भविष्य को लेकर कई निष्कर्ष निकालने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ये निष्कर्ष हाल के किसानों के प्रदर्शनों और कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों का जवाब होंगे।
साथ ही, नई कृषि नीति में आयोग अध्यक्ष अर्सुला वोन डर लेयेन के कृषि संवाद के परिणाम (?) को भी शामिल किया जाना होगा। उन्होंने इस साल की शुरुआत में – किसानों के प्रदर्शनों के दबाव में – कृषि के ग्रीन डील उपायों को धीमा कर दिया और ‘‘किसानों के साथ संवाद स्थापित करने’’ का वादा किया। तब से इस संवाद के बारे में लगभग कुछ सुनाई नहीं दिया।
तब से अब तक यूरोपीय संसद और EU देशों द्वारा जो एकमात्र ठोस निर्णय लिया गया वह यह है कि 2021 में निर्धारित चार जलवायु नियमों को अनिवार्य रूप से लागू न करते हुए स्वैच्छिक आधार पर रहने दिया जाए। इसके अलावा ये चार नियम रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के कारण तुरंत ही निलंबित कर दिए गए थे। और प्रसिद्ध ‘‘भार में राहत’’ EU देशों को सौंप दी गई है, जो मुख्यतः प्रशासनिक आवश्यकताओं को हटाने तक सीमित है; प्रीमियम और करों को हटाने तक नहीं।
इसके अतिरिक्त, पिछले हफ्ते EU में यूक्रेन के प्रवेश के लिए आधिकारिक बातचीत शुरू हुई। रूस द्वारा घिरे इस देश ने अपनी भू-राजनीतिक दिशा EU की ओर मोड़ने और यूरोप के साथ जुड़ाव तलाशने का निर्णय लिया है। ये प्रक्रिया सभी सालों तक चल सकती है, लेकिन जल्दी ही दिशानिर्देश भी दे सकती है।
यदि यह ‘‘कृषि महाशक्ति’’ EU के साझा बाज़ार में शामिल हो जाती है, तो यह वर्तमान कृषि नीति और खाद्य उत्पादन को लगभग पूरी तरह से बदल देगी। इसलिए वर्तमान में स्पष्ट है कि EU कृषि क्षेत्र में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा, नए (थोड़े दाहिने झुकाव वाले) Europees संसदीय चुनाव, नए आयोग टीम (शायद वोन डर लेयेन सहित), एक नया (संभवत: अधिक) CAP बजट और (तेजी या धीमी) यूक्रेन की सदस्यता के इंतजार में।

