जर्मनी में हाल के समय में सूअर और मवेशियों की संख्या कम हो रही है। इस साल की शुरुआत में कृषि फार्मों ने 20.9 मिलियन सूअर और 10.6 मिलियन मवेशी होने की रिपोर्ट दी। इसका कारण जनसंख्या के मांस उपभोग में गिरावट और पशु कल्याण पर बढ़ती लागत है।
रिपोर्टिंग की तारीख पर सूअर रखने वाले फार्मों की संख्या 15,700 दर्ज की गई थी, जो दस साल पहले की तुलना में 42.2 प्रतिशत कम है। हालांकि, साथ ही औसतन 1,300 पशु रखने वाले फार्म बड़े हो गए हैं, जिससे कुल पशुओं की संख्या केवल 25.4 प्रतिशत घट पाई है। पशुधन की संख्या दस वर्षों में 16.3 प्रतिशत घट गई है। 2014 से अब तक एक तिहाई से अधिक फार्म (36.3 प्रतिशत) ने दुग्ध पालन छोड़ दिया है।
वर्ष 2022 में जर्मन पशुपालन तथा कृषि एवं बागवानी में लगभग 876,000 लोग काम करते थे। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत कम है। खासतौर पर मौसमी मजदूरों और परिवार के सदस्यों की संख्या कम हुई है, लेकिन इसके विपरीत स्थायी कर्मचारियों की संख्या 3 प्रतिशत बढ़ी है।
Promotion
उसी अवधि में कृषि फार्मों की संख्या लगभग 3% यानी 7,800 से घटकर 255,000 हो गई। इसके परिणामस्वरूप प्रति स्थान औसत कर्मचारियों की संख्या 3.6 से घटकर 3.4 रह गई। गिरावट का एक मुख्य कारण व्यावसायिक जनसंख्या की उम्रदराज़ होना है। कई युवा अब कृषि में करियर नहीं चुनते, जिससे श्रमिकों की कमी हो रही है।
इसके अलावा बढ़ती यांत्रिकीकरण का भी प्रभाव है। आधुनिक कृषि मशीनें कई कामों को आसान बनाती हैं, जिससे मानव श्रम की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे अधिक विशेषज्ञ और तकनीकी-केंद्रित कृषि तरीकों की ओर झुकाव हुआ है।
पश्चिमी और पूर्वी राज्यों के बीच रोजगार संरचना में स्पष्ट अंतर हैं। पश्चिमी राज्यों में व्यक्तिगत फार्मों में काम करने वाले पारिवारिक श्रमिक सभी खेत मजदूरों का लगभग आधा (49%) हैं, उसके बाद मौसमी मजदूर (लगभग 28%) और स्थायी कर्मचारी (22%) आते हैं।
इसके विपरीत पूर्वी राज्यों में स्थायी कर्मचारी कुल कर्मचारियों का आधे से अधिक (लगभग 56%) हिस्सा बनाते हैं। पूर्वी जर्मनी में पारिवारिक श्रमिक केवल कृषि पेशेवर जनसंख्या का 20% से थोड़ा अधिक हैं और मौसमी श्रमिक 23% से अधिक हैं।

