यह मुक्त व्यापार समझौता ऑस्ट्रेलियाई कृषि उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार को खोलने वाला था, जबकि ऑस्ट्रेलिया को बदले में उद्योग और सेवा क्षेत्रों के लिए यूरोपीय बाजार में प्रवेश मिलेगा।
ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य मंत्री डॉन फैरेल इस बात के लिए प्रतिबद्ध थे कि वे ऐसा सौदा करें जो ऑस्ट्रेलियाई किसानों के लिए फायदेमंद हो। वे ऑस्ट्रेलियाई मांस और डेयरी उत्पादों के यूरोप को निर्यात बढ़ाने के लिए अधिक रियायतें चाहते थे। हालांकि, EU मूल प्रस्ताव से आगे जाने को तैयार नहीं था।
यह पहली बार नहीं है जब बातचीत असफल हुई हो। कुछ साल पहले भी ऑस्ट्रेलियाई पक्ष यूरोपीय संघ के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं था, जिससे बातचीत विफल हुई थी। इस बार ऑस्ट्रेलियाई किसानों ने अपनी सरकार पर जोर दिया कि वे केवल एक अनुकूल व्यापार समझौते पर ही सहमत हों। उन्होंने कहा कि बेहतर है कोई समझौता न हो बजाय खराब समझौते के।
जबकि EU और ऑस्ट्रेलिया अभी भी बातचीत कर रहे हैं, न्यूजीलैंड ने पिछले सप्ताह EU के साथ एक व्यापार समझौता कर लिया है। EU और न्यूजीलैंड के बीच यह समझौता महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाएगा और आयात शुल्क कम करेगा। इससे ऑस्ट्रेलियाई किसानों में चिंता उत्पन्न हुई है, क्योंकि इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति कमजोर हो सकती है।
EU और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्तमान गतिरोध और EU तथा न्यूजीलैंड के बीच सफल व्यापार समझौते के साथ, आने वाले सप्ताह इन देशों के भविष्य के व्यापार संबंधों के लिए निर्णायक होंगे। यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौता हासिल करने के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है।

