COVID महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात लगभग बंद था और एयरलाइंस की कमाई बेहद कम थी। कई एयरलाइंस दिवालिया हो गईं या उन्हें अपने आकार को कम करना पड़ा। Norwegian Air ने पुनर्संरचना और कानूनी पुनर्गठन किया, जिसके चलते वह अब EU ETS उत्सर्जन अधिकार खरीदने और स्थानांतरित करने जैसी बाध्यताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं था।
जनवरी 2021 में Norwegian और उसकी सहायक कंपनियों ने अपनी उड़ान बेड़े को घटाना शुरू किया, जिसमें लंबी दूरी के लिए Boeing 787 जैसे कई विमानों को उनके रूप में किराएदारों को वापस भेजा गया। 14 जनवरी 2021 को Norwegian ने सभी लंबी दूरी की सेवाओं को बंद करने की घोषणा की और छोटे यूरोपीय मार्ग नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित किया।
Norwegian ने उत्सर्जन अधिकार खरीदने की बाध्यात्मकता को चुनौती दी, और नॉर्वेजियन सरकार को माफी के रूप में उस ETS राशि के बराबर एक शेयर्स लेन-देन की पेशकश की। नॉर्वेजियन सरकार ने इस निपटान को स्वीकार नहीं किया और लगभग 35 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया।
ओस्लो की अदालत ने पिछले सप्ताह Norwegian के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि लाभांश की पेशकश वास्तव में EU ETS प्रतिबद्धताओं को पूरा करती है और लगाया गया जुर्माना गैरकानूनी है। इससे Norwegian को जुर्माना पूरी तरह वापस पाने का अधिकार प्राप्त है, जिसमें ब्याज और सभी कानूनी खर्चों की भी भरपाई शामिल है।
ओस्लो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का यह निर्णय अभी अंतिम नहीं है। नॉर्वेजियन जलवायु और पर्यावरण मंत्रालय अपील कर सकता है। अंतिम परिणाम का असर EU और बाहर समान परिस्थितियों में अन्य कंपनियों पर भी पड़ सकता है।

