यूरोस्टैट के यूरोपीय आंकड़ों से पता चलता है कि जैविक कृषि के क्षेत्र में नीदरलैंड अन्य यूरोपीय देशों से काफी पीछे है। हालांकि नीदरलैंड इस प्रकृति के अनुकूल खाद्य उत्पादन के तरीके को बढ़ावा देना चाहता है, वहां विकास बहुत कम है। नीदरलैंड में सकल कृषि क्षेत्र का केवल लगभग 4 प्रतिशत ही जैविक है।
जलवायु के लिहाज से जैविक कृषि के कुछ फायदे और नुकसान दोनों हैं। कृत्रिम उर्वरक के उपयोग न करने के कारण ग्रीनहाउस गैस नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन काफी कम होता है। लेकिन अतिरिक्त यांत्रिक खरपतवार नियंत्रण के कारण CO2 उत्सर्जन फिर से अधिक हो जाता है। महंगा गैस और उर्वरक उपयोग और खपत को कम करता है।
यूरोस्टैट के नए आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 2022 से रूस से गैस आयात पर यूरोपीय बहिष्कार के कारण गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई और इससे खाद्य उर्वरकों की कीमत भी काफी बढ़ गई। उस वर्ष यूरोपीय कृषि में खनिज उर्वरकों का उपयोग काफी कम हुआ।
उपयोग में दस प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई, जिससे कुल उपयोग 9.8 मिलियन टन तक पहुंच गया। सबसे बड़ी गिरावट फॉस्फेट उर्वरकों की हुई, जिसका उपयोग 17.9% कम हुआ। फॉस्फेट उर्वरकों के सबसे बड़े उपयोगकर्ता फ्रांस, स्पेन, इटली और रोमानिया थे, जो मिलकर यूरोपीय संघ के कुल उपयोग का लगभग आधा हिस्सा थे।
नीदरलैंड में भी समान प्रवृत्ति देखी गई। 2022 में नीदरलैंड की कृषि क्षेत्र में नाइट्रोजन और फॉस्फेट उर्वरकों के उपयोग में महत्वपूर्ण कमी आई। यह न केवल बढ़ती कीमतों के कारण हुआ, बल्कि सख्त पर्यावरण नियमों और स्थिरता पर बढ़ते ध्यान के कारण भी हुआ।

