EU देशों की नई यूरोपीय कृषि नीति के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजनाएं इतनी विविध हैं कि ब्रुसेल्स में LNV अधिकारियों के लिए अभी उनकी तुलना करना संभव नहीं है। कुछ देशों ने अपनी राष्ट्रीय रणनीतिक योजना को दस या पंद्रह पन्नों में सारांशित किया है, जबकि कुछ देश इसे 400 या 4000 पृष्ठों में प्रस्तुत कर रहे हैं।
अब तक 18 देशों ने अपनी राष्ट्रीय रणनीतिक योजना यूरोपीय आयोग को अंतिम रूप से सौंप दी है, और 4 देशों के लिए यह मामला ‘कुछ और दिनों का’ है। पांच देश वास्तव में देरी से हैं: हालिया चुनावों के बाद वहां नई कृषि नीति अपनाई गई है (जैसे जर्मनी, स्लोवाकिया, चेक गणराज्य)। बेल्जियम में चार क्षेत्रों की राष्ट्रीय योजनाओं को एक साथ मिलाना है।
AGRI-आयोग के प्रशासनिक शीर्ष ने बुधवार दोपहर यूरोपीय संसद की कृषि समिति में प्रस्तुत योजनाओं का पहला अवलोकन दिया और बताया कि ब्रुसेल्स अब इसके साथ कैसे निपट रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक एक ‘सम्पूर्ण अवलोकन’ तैयार किया जा सकेगा।
कुछ यूरोपीय सांसदों का डर था कि ‘देर से आने वाले’ पूरी प्रक्रिया में बाधा डालेंगे, लेकिन इसे खारिज किया गया। नई सामान्य कृषि नीति में प्रावधान हैं कि यह 1 जनवरी 2023 से लागू होगी, और यदि देश अपनी तैयारी ठीक से नहीं करते हैं, तो इससे उन्हें EU की पहली स्तंभ (किसान आय) से मिलने वाला वित्तीय समर्थन गंवाना पड़ सकता है। उम्मीद है कि वे देर से आने वाले देश दो या तीन महीनों के भीतर तालिका में आ जाएंगे।
‘400 से 4000 पृष्ठों’ की जानकारी मिलने पर कुछ यूरोपीय सांसदों ने जोर से सवाल किया कि क्या यूरोपीय आयोग ने LNV मंत्रालयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।
यह बताया गया कि खासकर कुछ बड़े EU देशों में लागू ‘क्षेत्रीयकरण’ के कारण कई अलग-अलग नियम और प्रावधान बन गए हैं। यह केवल क्षेत्रीय सरकारों के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और देशव्यापी कृषि संगठनों की भागीदारी को भी शामिल करता है।
आयोग अध्यक्ष नॉर्बर्ट लिंस ने कहा कि यूरोपीय आयोग, LNV मंत्री और यूरोपीय संसद को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक देश के लिए अनुदान नियम समय पर तैयार हों, ताकि किसान अपनी बोवाई एवं उत्पादन योजनाओं को नई मौसम के लिए समय रहते समायोजित कर सकें।

