यूरोपीय संघ में हर साल लगभग साठ मिलियन टन भोजन बर्बाद होता है– जो प्रति व्यक्ति 132 किलो है – और 12.6 मिलियन टन वस्त्र कचरा उत्पन्न होता है। कपड़े और जूते 5.2 मिलियन टन कचरे के लिए जिम्मेदार हैं; प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष बारह किलो कचरा। अनुमान है कि विश्व स्तर पर एक प्रतिशत से भी कम वस्त्र संग्रहित होकर नए उत्पादों के रूप में पुनर्नवीनीकरण होते हैं।
यूरोपीय आयोग ने दो साल पहले ही यूरोपीय संघ के कचरे को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा था।
हर यूरोपीय संघ सदस्य देश को पाँच वर्षों के अंदर राष्ट्रीय स्तर पर कचरे में कमी लानी होगी। 2030 के अंत तक बिना जरूरत के फेंके जा रहे भोजन में कमी देखनी होगी। भोजन के उत्पादक और प्रोसेसर को अपने कचरे को दस प्रतिशत तक कम करना होगा; परिवार, खुदरा विक्रेता और होटलों-रेस्तराओं को तीस प्रतिशत तक।
नई व्यवस्था के तहत वस्त्र निर्माता वस्त्रों के संग्रहण, छंटाई और पुनर्नवीनीकरण की लागत वहन करेंगे। ये नई नियम सहायक उपकरण, टोपी, जूते, कंबल, बिस्तर के सामान, रसोई कपड़े, और पर्दों जैसे उत्पादों पर भी लागू होंगे।
‘‘आज हम यूरोप में एक परिपत्र अर्थव्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम उठा रहे हैं,’’ कहती हैं डच यूरोपीय सांसद जनेट बाल्जेयू (वीवीडी)। वे इस विधेयक की सह-रचितकर्ता थीं। ‘‘हम हर साल 58 मिलियन टन भोजन बर्बाद करते हैं और 12.6 मिलियन टन वस्त्र जलाने या लैंडफिल में पहुंच जाते हैं। नई नियमों के तहत हम यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और उत्पादकों को भोजन बर्बादी को भारी मात्रा में कम करने के लिए बाध्य करते हैं और वस्त्र उत्पादक, खासकर फास्ट और अल्ट्रा-फास्ट फैशन के पीछे वाले, पुनर्नवीनीकरण और पुनः उपयोग के लिए वित्तीय योगदान देंगे।’’

