स्विस संघीय जनस्वास्थ्य कार्यालय द्वारा तैयार की गई इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्यवर्धक आहार पैटर्न को बढ़ावा देना है। इसमें प्रसंस्कृत उत्पादों में कम चीनी, कम नमक और कम वसा पर जोर दिया गया है। साथ ही खाद्य आपूर्ति के सामाजिक एवं पर्यावरणीय पहलुओं पर भी विचार किया गया है।
अधिकारी विशेष रूप से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के माध्यम से चीनी और नमक के सेवन को कम करने की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कंपनियों को उनके नुस्खे सुधारने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नमक और चीनी पर पहले किए गए स्वैच्छिक समझौते पहले ही सफल साबित हो चुके हैं। नई रणनीति अतिरिक्त उपायों के साथ इसी आधार पर आगे बढ़ती है।
रेस्तरां, कैंटीन और स्कूल, अस्पताल जैसे संस्थानों के लिए इसका मतलब है कि उन्हें अपने मेनू की समीक्षा करनी होगी। उम्मीद है कि अधिक स्वस्थ विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे और मौजूदा नुस्खों को और अधिक स्वास्थ्यकर बनाया जाएगा। सार्वजनिक संस्थानों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस अनिवार्य नियम नहीं बताए गए हैं।
स्विस पोषण रणनीति स्थिरता और सामाजिक न्याय पर भी ध्यान देती है। इसका प्रयास सभी जनसंख्या समूहों के लिए स्वस्थ भोजन तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है। इसलिए रणनीति में शिक्षा, मूल्य नीति और खाद्य उत्पादन की पारदर्शिता से संबंधित उपाय भी शामिल हैं। इन उपायों का सटीक क्रियान्वयन अभी विकसित किया जाना बाकी है।
यह रणनीति विभिन्न संघीय कार्यालयों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से तैयार की गई है। खाद्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों और उपभोक्ता संगठनों के साथ भी परामर्श किया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि रणनीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोग आवश्यक है।
स्विस अधिकारियों ने पोषण रणनीति की यह रूपरेखा सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए जारी की है। आने वाले महीनों में खाद्य उद्योग और सामाजिक क्षेत्र के हितधारकों सहित कई संस्थाओं के साथ बातचीत की जाएगी। इन वार्ताओं के आधार पर इस वर्ष के अंत तक अंतिम खाद्य पिरामिड निर्धारित करने का उद्देश्य है।

