यह सहायता नौ यूरोपीय संघ के देशों के उन क्षेत्रों के लिए है: फिनलैंड, एस्टोनिया, लैटविया, लिथुआनिया, पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और बुल्गारिया। ये क्षेत्र यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा पर स्थित हैं और रूस, बेलारूस या यूक्रेन से सटे हैं।
यूरोपीय आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों को सुरक्षा चिंताओं, आर्थिक क्षति और जनसंख्या में गिरावट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कंपनियां और निवासी अस्थिरता, व्यापार में व्यवधान और निवेश में कमी के प्रभाव महसूस कर रहे हैं।
मजबूत और अधिक सक्षम
ब्रुसेल्स इन क्षेत्रों को मजबूत और अधिक सक्षम बनाने के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण की बात करता है। अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रभावित क्षेत्रों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है, साथ ही पूरे यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता में निवेश भी है।
योजनाएं पांच बड़े विषयों के चारों ओर संरचित हैं। इनमें सुरक्षा और सुदृढ़ता, आर्थिक विकास, स्थानीय ताकत का उपयोग, बेहतर कनेक्टिविटी और निवासियों व समुदायों के लिए सहायता शामिल है।
ड्रोन-विरोधी ढाल
सुरक्षा क्षेत्र में यूरोपीय संघ सीमाओं की बेहतर रक्षा और खतरों के प्रति क्षेत्रों की सुदृढ़ता बढ़ाना चाहता है। इसमें आधुनिक रक्षा उपकरणों जैसे ड्रोन से सुरक्षा जैसी पहलों को भी शामिल किया गया है।
आर्थिक रूप से नए निवेशों और ऋण एवं क्रेडिट तक बेहतर पहुंच पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए यूरोपीय निवेश बैंक और विश्व बैंक के साथ सहयोग किया जा रहा है। इस तरह लगभग 28 बिलियन यूरो तक के ऋण मुहैया कराए जा सकते हैं।

