यूरोपीय संघ की दूसरी सबसे बड़ी न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि ये संदेश 2021 में कोविड-19 वैक्सीन की खरीद के संबंध में हुई बातचीत की महत्वपूर्ण जानकारी रखते हैं। न्यायालय ने जोर दिया कि इस तरह की संवाद प्रक्रिया पारदर्शिता नियमों के तहत आती है।
यह फैसला न्यूयॉर्क टाइम्स की उस शिकायत के बाद आया, जिसने इन संदेशों को सार्वजनिक किए जाने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने कहा कि आयोग ने अख़बार के अनुरोध को गलत ढंग से खारिज कर दिया, जो ईयू की खुलापन कानून के खिलाफ है।
यूरोपीय आयोग का तर्क था कि एसएमएस संदेशों को स्वतः दस्तावेज़ के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन न्यायालय ने इसे गलत बताया। सूचना किस रूप में साझा की गई, यह उसका आधिकारिक दस्तावेज़ होने की स्थिति निर्धारित नहीं करता।
यह फैसला आयोग की अध्यक्ष वॉन डर लॉयन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो लंबे समय से वैक्सीन बातचीत में अपनी भूमिका को लेकर आलोचना के दायरे में हैं। विभिन्न स्रोत इस मामले को उनके नेतृत्व और पारदर्शिता के लिए एक कसौटी कहते हैं।
फैसे के बावजूद आयोग ने अपने पहले आधिकारिक बयान में कहा है कि उसने सही व्यवहार किया है। बयान में कहा गया है कि मामले को सावधानीपूर्वक संभाला गया है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
यह मामला यह संकेत दे सकता है कि ईयू संस्थान आधुनिक संचार माध्यमों जैसे एसएमएस और ऐप्स को कैसे संभालते हैं। फैसले से स्पष्ट होता है कि यदि ये जानकारी से भरपूर हैं तो इन्हें भी सार्वजनिक किया जा सकता है।
अभी स्पष्ट नहीं है कि ब्रुसेल्स इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा या नहीं। लेकिन यह निर्णय संस्थानों को दस्तावेजों तक पहुंच के नियमों की समीक्षा के लिए मजबूर करता है। पर्यवेक्षक इसे यूरोपीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की जीत मान रहे हैं।
नीदरलैंड्स की यूरोपियन पार्लियामेंट सदस्य राकेल गार्सिया हरमिडा-वैन डर वाल्ले (नवीनीकरण/डी66) ने ईयू-न्यायालय के इस फैसले को ‘पूरी तरह समझदार’ बताया है। वह यूरोपीय उदारवादियों की ओर से यूरोवॉब में प्रस्तावित संशोधन की बातचीत में हिस्सा लेंगी, जो दस्तावेज़ों तक पहुंच का कानून है। उनकी पार्टी ब्रुसेल्स में वर्षों से यूरोपीय आयोग के काम को अधिक खुला और बेहतर नियंत्रित बनाने के लिए कार्य कर रही है।

