ईयू प्रतिवर्ष लगभग 160 अरब यूरो मूल्य के कृषि और खाद्य उत्पाद आयात करता है। नई जांचों के जरिए ब्रुसेल्स यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ये सभी उत्पाद यूरोपीय नियमों के अनुरूप हों।
इसके जरिये ईयू संभवतः दक्षिण अमेरिकी मेरकोसुर देशों के साथ स्वतंत्र व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों को लेकर यूरोपीय किसानों की अनिश्चितता दूर करने की उम्मीद करता है। वे सस्ते खाद्य उत्पादों के प्रवाह को लेकर चिंतित हैं, जो रासायनिक पदार्थों के उपयोग से उगाए या पाले गए हैं, जिन्हें यूरोपीय किसान इस्तेमाल नहीं कर सकते।
यूरोपीय आयोग के अनुसार ये उपाय किसी विशेष देश या क्षेत्र के खिलाफ नहीं हैं। ये सख्ती सभी व्यापार साझेदारों पर लागू होगी, वे बताते हैं। आयोग ने जोर देकर कहा कि कड़े जांच नियम मेरकोसुर को लेकर हुए बहसों से अलग हैं।
जांच सख्ती यूरोपीय संघ की बाहरी सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि निर्यात करने वाले देशों में भी लागू होगी। यूरोपीय आयोग आने वाले दो वर्षों में निर्यातक देशों में 50 प्रतिशत अधिक जांचें करेगा, ताकि यह देखा जा सके कि उत्पादन और प्रसंस्करण यूरोपीय मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
इसके अलावा, संघ के भीतर भी जांच बढ़ाई जाएगी। मुख्य रूप से बंदरगाहों पर यूरोपीय सीमा नियंत्रण स्थलों पर ऑडिट की संख्या 33 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। इसके जरिए आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईयू के समुद्री बंदरगाहों पर कस्टम आवश्यक जांच सही ढंग से कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करें।
इसे सुचारू बनाने के लिए आयोग एक विशेष टास्कफोर्स बनाएगा। अतिरिक्त विशेषज्ञता में भी निवेश किया जाएगा। लगभग पाँच सौ राष्ट्रीय अधिकारियों को अधिकारिक जांच के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षिण प्रतिबंधित पदार्थों की पहचान और उल्लंघनों के सही प्रक्रियाओं पर केंद्रित होगा।
ये उपाय यूरोपीय स्वास्थ्य और पशु कल्याण आयुक्त ओलिवेर वारहेली द्वारा घोषित किए गए। उन्होंने कई संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद यह घोषणा की। यूरोपीय आयोग के अनुसार, यह चर्चा सख्त कदमों की तैयारी का एक नियमित हिस्सा है।

