कल ब्रसेल्स में नए यूरोपीय सामूहिक कृषि नीति पर हुई सुपर-ट्रिलॉग वार्ता में कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला। पुर्तगाली कृषि मंत्री मारिया दो सेऊ अंतुनेश ने कहा कि ‘समझौते के करीब पहुंच गए हैं’, लेकिन यूरोपीय संसद का मानना है कि 27 कृषि मंत्रियों को मई से पहले समझौता करने के लिए अधिक लचीलापन दिखाना होगा।
सबसे बड़े मतभेद कृषि सब्सिडी वितरण को लेकर हैं। यूरोपीय आयोग और यूरोपीय संसद का कहना है कि ये भुगतान अब हेक्टेयर की संख्या पर नहीं बल्कि वास्तविक उत्पादन और उत्पादन विधियों पर आधारित होने चाहिए।
इसके अलावा सब्सिडी किसान को दी जानी चाहिए, भूमि मालिक को नहीं। विशेष रूप से मध्य और पूर्वी यूरोप में यह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इसलिए ‘किसान’, ‘युवा किसान’, और ‘सक्रिय किसान’ की परिभाषा पर कई मंत्रियों के बीच अभी तक सहमति नहीं बनी है।
कृषि मंत्रियों का ‘EU-आवश्यकताओं’ के खिलाफ भी विरोध है। कई देशों का कहना है कि वे ‘फार्म टू फोर्क’ खाद्य मानदंडों को लागू करने का इरादा नहीं रखते। आयोग के सदस्य फ्रांस टिम्मरमंस (पर्यावरण) और जेनुज वोइचियोसकी (कृषि) ने कहा कि मूल्यांकन मानदंड प्रत्येक देश के राष्ट्रीय रणनीति योजना में शामिल होंगे, और ब्रसेल्स उन्हें ‘समीक्षा’ करेगा।
जैविक खेती का क्षेत्रफल 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य प्रति देश लागू नहीं होगा, बल्कि पूरे EU के लिए होगा, जैसा पहले ही स्पष्ट हो चुका है। इससे उन देशों पर थोड़ा दबाव कम होगा जहाँ विस्तार की सीमित जगह है, लेकिन EU के सभी देश संयुक्त रूप से EU के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जिम्मेदार होंगे, बोले वोइचियोसकी।
यूरोपीय संसद के मुख्य वार्ताकार नॉर्बर्ट लिंस (EVP, जर्मनी) ने सुपर-ट्रिलॉग को GLB सुधार पर जरूरी बातचीत में एक महत्वपूर्ण धक्का बताया। “युवा, नए और सक्रिय किसान की परिभाषा पर हमने बेहतर समझ विकसित की है और अब समझौते के एक कदम और करीब हैं। हालांकि, हमें सीधे भुगतान की अधिकतम सीमा जैसे विषयों पर और बहस करनी होगी।
अगली ट्रिलॉग वार्ताएँ अब 16, 21 और 23 अप्रैल को निर्धारित हैं। यूरोपीय संसद, मंत्रिपरिषद और आयोग के बीच EU कृषि नीति के सुधार के अंतिम रूप पर अभिस्वीकृति 10 नवंबर से शुरू हुई थी। तब से लगभग सत्रह ट्रिलॉग और कई तकनीकी एवं तैयारी बैठकें हो चुकी हैं।

