अगर यूरोपीय आयोग की बात माने जाए तो क्रोएशिया पासपोर्ट-मुक्त शेंगेन क्षेत्र में शामिल हो सकता है। 4.5 मिलियन की आबादी वाला यह बाल्कन देश अब उन सभी शर्तों को पूरा करता है जिनके आधार पर वह उन देशों के समूह में शामिल हो सकता है जिनके बीच स्वतंत्र यात्रा संभव है। लेकिन यूरोपीय आयोग के अनुसार बुल्गारिया अपने मामलों को अभी तक व्यवस्थित नहीं कर पाया है, इसलिए वह विशेष निगरानी में बना हुआ है। शेंगेन में प्रवेश के बारे में निर्णय लेने का अधिकार EU के देशों के पास है, जिसमें सर्वसम्मति की आवश्यकता होती है।
28 EU देशों में से रोमानिया, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम अभी शेंगेन क्षेत्र के सदस्य नहीं हैं। गैर-EU देशों में नॉर्वे, आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और लिक्समबर्ग शामिल हैं।
अब जब क्रोएशिया, जिसने छह साल पहले EU में प्रवेश किया था, अपनी बाहरी सीमाओं का प्रबंधन व्यवस्थित कर चुका है, तो आयोग के अनुसार वह शेंगेन क्षेत्र का सदस्य बन सकता है। शेंगेन संधि में यह निर्धारित है कि मूल रूप से लोगों की सीमा पर अब जांच नहीं की जाती। यह संधि 1985 में लक्ज़मबर्ग के शेंगेन शहर में जर्मनी, फ्रांस और तीन बेनेलक्स देशों द्वारा हस्ताक्षरित की गई थी।
रोमानिया ने पिछले वर्ष न्यायिक सुधारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कोई कदम नहीं उठाया है। इसलिए यह देश विशेष निगरानी में बना हुआ है। नीदरलैंड उन EU देशों में से एक है जो लंबे समय से रोमानिया के पासपोर्ट-मुक्त क्षेत्र में शामिल होने का विरोध कर रहा है। नीदरलैंड रोमानियाई सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और नौकरशाही में आपसी सहूलियत की खुलेआम आलोचना करता रहा है।
पिछले साल उपाध्यक्ष फ्रांस टिम्मरमैन ने रोमानिया की स्थिति को "दुखद" बताया था। अब दैनिक EU प्रशासन ने इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" कहा है कि बुखारेस्ट ने अनुशंसाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की, हालांकि सरकार ने जून में सुधारों का वादा किया था।
विशेष निगरानी से बाहर निकलने के लिए बुखारेस्ट को कई (आपराधिक) कानूनों को निलंबित करना होगा और अभियोजन कार्यालय व भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी में नियुक्तियों को वापस लेना होगा।
दूसरी ओर बुल्गारिया ने अनुशंसाओं का पालन किया है और न्यायिक सुधार तथा संगठित अपराध से निपटने के लिए कदम उठाए हैं। इससे बुल्गारिया को निगरानी कार्यक्रम से बाहर निकलने का रास्ता दिखाई दे रहा है। आयोग के यह निर्णय लेने से पहले सदस्य देशों और यूरोपीय संसद से सलाह ली जाएगी कि बुल्गारिया को कार्यक्रम से बाहर किया जाए या नहीं।

