यूरोपीय संसद की कृषि समिति 2027 के बाद की अवधि के लिए कृषि नीति पर बुधवार से विचार कर रही है। यह एक विशाल कार्य है। कृषि आयुक्त हैंसन के प्रस्तावों पर 3,400 से अधिक संशोधन दाखिल किए गए हैं। इससे नए कृषि नीति के संसदीय संसोधन में एक महत्वपूर्ण चरण शुरू होता है।
यह सुधार नई यूरोपीय बहुवर्षीय बजट (MFK) के साथ हो रहा है। नई कृषि नीति और यह बजट दोनों 2028 से लागू होंगे। इसलिए न केवल यह चर्चा हो रही है कि यूरोपीय कृषि सहायता को कृषि क्षेत्रों के बीच कैसे बांटा जाए, बल्कि यह भी कि इसके लिए कितनी राशि उपलब्ध रहेगी।
तीव्र विरोध
यूरोपीय आयोग ने 2028 से 2034 तक के सात वर्षों के लिए लगभग 2,000 अरब यूरो का कुल बजट प्रस्तावित किया है। इसमें रक्षा और आर्थिक स्वायत्तता के लिए अतिरिक्त धनराशि शामिल है। यह प्रस्ताव कई यूरोपीय संघ के देशों में तीव्र विरोध का सामना कर रहा है। खासकर वे देश जो यूरोपीय बजट में बड़ी भागीदारी करते हैं, उन्हें लगता है कि ब्रुसेल्स बहुत अधिक धन खर्च करना चाहता है।
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कटौती करने की मांग
जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फिनलैंड चाहते हैं कि प्रस्ताव से सैकड़ों अरब यूरो की कटौती की जाए। जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन और ऑस्ट्रिया उन देशों में हैं जो बजट को लगभग 1,600 अरब यूरो तक घटाने की मांग करते हैं, भले ही इसका मतलब किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती हो।
इसके विपरीत, ऐसे देश हैं जो कृषि व्यय में बड़ी कटौती के खिलाफ हैं। इनमें इटली, स्पेन और पोलैंड शामिल हैं, जो मौजूदा महत्वपूर्ण यूरोपीय खर्चों की रक्षा करना चाहते हैं। खासकर पोलैंड ने कृषि सब्सिडी बनाए रखने की जोरदार वकालत की है। इससे कृषि आगामी बजट लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनती नजर आ रही है।
किसानों की लॉबिंग
प्रभावशाली कृषि संगठन कवपा-कोगेका (‘किसानों की लॉबी’) ने वार्ता से पहले एक विस्तृत बयान जारी कर कृषि व्यय में कटौती के खिलाफ चेतावनी दी है। यूरोपीय किसान इस शरद ऋतु फिर से यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में बड़े प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
साथ ही, अन्य महंगे यूरोपीय प्राथमिकताएँ भी उभर रही हैं। बजट चर्चा में रक्षा और सुरक्षा के लिए अधिक धन की मांग की जा रही है। इससे यह प्रश्न भी उठ रहा है कि इन नई प्राथमिकताओं के लिए कितनी राशि जानी चाहिए, जो मौजूदा कृषि और क्षेत्रीय विकास के बड़े खर्चों की चर्चा को प्रभावित करता है।
इस शरद ऋतु
इस शरद ऋतु कुल यूरोपीय संघ के बजट पर भी नई वार्ता होगी। अक्टूबर में एक नया समझौता प्रस्ताव आने की उम्मीद है, जिसके बाद सरकार प्रमुख बातचीत जारी रखेंगे। नवम्बर और दिसम्बर में भी नई वार्ता की संभावना जताई जा रही है। इस तरह सैकड़ों अरब यूरो के यूरोपीय खर्चों और कृषि नीति सुधार पर वार्ताएँ लगभग साथ-साथ होंगी।

