यूरोपीय आयोग द्वारा प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य बिंदु है एनजीटी तकनीकों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत करना। प्राकृतिक उत्परिवर्तन द्वारा भी उत्पन्न हो सकने वाले पौधे और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ अब जीन संशोधित खाद्य पदार्थ के रूप में वर्गीकृत नहीं किए जाएंगे। हालांकि, अन्य सभी एनजीटी पौधों को अभी भी जीन संशोधित जीवों के नियमों के तहत रखा जाएगा।
लेकिन अब तक ईयू देशों द्वारा जो रुख बनाया गया है, वह कुछ संवेदनशील मुद्दों जैसे कि जीनोम-संशोधित तकनीक से उत्पादित खाद्य पदार्थों पर लेबलिंग की 'सूचना देने की बाध्यता' को शामिल करने का कोई निर्णय नहीं लेता। ईयू देश इस निर्णय से बचने के लिए एक विकल्प छोड़ रहे हैं, जिसमें कुछ नई तकनीकों को अपनाने की अनुमति देशों के अपने विवेक पर छोड़ी जाती है।
यूरोपीय परिषद का यह समझौता ईयू देशों को दूसरी श्रेणी के एनजीटी पौधों की कृषि को अपने क्षेत्र में प्रतिबंधित करने की अनुमति देता है। वे अपने भीतर और सीमा पार इन पौधों के प्रसार को रोकने के लिए भी कदम उठा सकते हैं। जर्मनी इस तरह के अपवाद नियम से असहमत है।

