इस साल सखारोव मानवाधिकार पुरस्कार अंद्रेज पोचोबुट और म्जिया अमाग्लोबेली को दिया गया है। पुरस्कार उनके प्रतिनिधियों ने ग्रहण किया। बेलारूस के अंद्रेज पोचोबुट की ओर से उनकी बेटी जाना ने पुरस्कार स्वीकार किया। जॉर्जियाई म्जिया अमाग्लोबेली के लिए उनके सहयोगी पत्रकार इरमा डिमित्राड्ज़ ने पुरस्कार लिया।
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला ने पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को चुप कराना स्वीकार्य नहीं है। अपने भाषण में उन्होंने दोनों पुरस्कार विजेताओं की जमानत की भी मांग की।
अंद्रेज पोचोबुट बेलारूस में कैद हैं और उन्हें आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उनके परिवार को वर्षों से उनसे सीधे संपर्क नहीं हो पाया है। उनकी बेटी ने कहा कि उनके लिए यह जरूरी है कि उन्हें भुलाया न जाए और उनका नाम सार्वजनिक रूप से लिया जाए।
म्जिया अमाग्लोबेली जॉर्जिया में बंद हैं। वे पुरस्कार समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं। उनके प्रतिनिधि ने उनके पक्ष में पुरस्कार ग्रहण किया और स्वतंत्र पत्रकारिता व कैद पत्रकारों के प्रति एकजुटता पर जोर दिया।
दोनों पत्रकारों को यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया है। सखारोव पुरस्कार यूरोपीय संसद का मानवाधिकार पुरस्कार है, जो 1988 से जारी है और रूसी विरोधी विचारक आंद्रेई सखारोव के नाम पर रखा गया है।

