एक आम सभा बहस में कई यूरोपीय सांसदों ने स्टेशनों को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने जोर दिया कि RFE/RL की पत्रकारिता की भूमिका गलत सूचना और युद्ध के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यूरोपीय आयोग ने बताया कि वह स्थिति को बारीकी से देख रहा है और विभिन्न प्रकार के समर्थन उपायों के लिए खुला है।
वित्तपोषण के अचानक बंद होने से रेडियो स्टेशनों में छंटनी हुई है। प्राग और विलनियस सहित कई कार्यालयों में कर्मचारियों को बिना वेतन के अवकाश पर भेजा गया है। कर्मचारी डर रहे हैं कि उनके काम में इस लंबे व्यवधान से स्टेशन स्थायी रूप से कमजोर हो जाएगा। पूर्वी यूरोप में नेटवर्क तक पहुंच खोने का भी खतरा है।
रेडियो फ्री यूरोप और रेडियो लिबर्टी हाल के वर्षों में मुख्य रूप से रूस के निवासियों और बेलारूस, उज़्बेकिस्तान तथा अज़रबैजान जैसे देशों में असहमति रखने वालों और विचारधाराओं के लिए स्वतंत्र जानकारी प्रसारित करने पर केंद्रित हैं। वे अपनी वेबसाइटों, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से सेंसरशिप को बायपास करके विश्वसनीय सूचनाएं प्रदान करने का प्रयास करते हैं।
ये स्टेशन शीत युद्ध के शुरूआत के तुरंत बाद अमेरिकी सरकार के समर्थन से स्थापित हुए थे। पश्चिमी यूरोप से उन्होंने आयरन कर्टेन के पीछे के देशों की ओर रेडियो कार्यक्रम प्रसारित किए। RFE/RL ने राज्य प्रचार तोड़ने और कम्युनिस्ट शासन के अंतर्गत नागरिकों को सूचित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालांकि अमेरिका दशकों तक प्रमुख वित्तपोषक रहा, लेकिन स्टेशनों की संपादकीय स्वतंत्रता बढ़ी। हाल के वर्षों में ध्यान अनुसंधान पत्रकारिता और गलत सूचना अभियान के खिलाफ लड़ाई पर रहा। RFE/RL की रिपोर्टिंग को बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया अक्सर उद्धृत करते रहे हैं।
ट्रंप के वित्तपोषण बंद करने के निर्णय ने कई को चौंका दिया। आलोचक इसे स्वतंत्र प्रेस के लिए हानिकारक राजनीतिक कदम मानते हैं। अमेरिकी सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर वित्तपोषण पुनर्स्थापित करने के कदम नहीं उठाए हैं, हालांकि कांग्रेस के अंदर बातचीत जारी है।
यूरोपीय संघ के अंदर यह समझ बढ़ रही है कि पूर्वी यूरोप में स्वतंत्र रिपोर्टिंग यूरोपीय हित में भी है। फिर भी यूरोपीय संसद में यह विषय जारी है कि क्या EU को विदेशी मीडिया चैनलों को स्थायी रूप से योगदान देना चाहिए। उम्मीद है कि इस पर साल के दूसरे भाग में ही फैसला होगा।

